मुश्किल है पर वक़्त ही तो है
गुज़र जाएगा,
इस रात की भी एक सुबह होगी जहाँ सब निखर जाएगा,
हालात कमज़ोर है होंसले नही
तु इस से भी उबर जाएगा।
Category Archives: Uncategorized
Boonde
गिरी है दो – चार फिर भी
सैलाब ले आई है,
लगता है ये बूंदे अपने आप मे
सागर समेट आई है।!!!