मुश्किल है पर वक़्त ही तो है
गुज़र जाएगा,
इस रात की भी एक सुबह होगी जहाँ सब निखर जाएगा,
हालात कमज़ोर है होंसले नही
तु इस से भी उबर जाएगा।
Author Archives: Trivedi Shruti
Boonde
गिरी है दो – चार फिर भी
सैलाब ले आई है,
लगता है ये बूंदे अपने आप मे
सागर समेट आई है।!!!